Way of Inspiration

द फर्स्ट रैंक ओपन स्कूल एंव कोचिंग एक बहुउद्देश्यीय शिक्षण संस्था है जो विद्यालय स्तर पर शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का संचालन करती है। इसके अंतर्गत छठी से 12वीं तक के पाठ्यक्रमों का संचालन एंव प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करायी जाती है |

द फर्स्ट रैंक के सफलता के सोपान

द फर्स्ट रैंक ओपन स्कूल एंव कोचिंग एक बहुउद्देश्यीय शिक्षण संस्थान है जहाँ पर शैक्षणिक एवं व्यावसायिक दोनों प्रकार के पाठ्यक्रम का संचालन होता है साथ ही संस्थान सफल एवं असफल सभी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करता है। संस्थान में उन विद्यार्थियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, जिन्हें दुनिया असफल मानती है। असफल होने पर विद्यार्थी और अभिभावक दोनों का ही परेशान होना स्वाभाविक है। जहाँ असफलता से विद्यार्थी का अमूल्य समय नष्ट होता है, वहीं अभिभावकों को भी अपनी संतान के भविष्य पर संकट के बादल नजर आने लगते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा भी उनकी परेशानी का कारण बन जाती है। क्या इसका कोई उपाय है? क्या कोई संस्था ऐसे विद्यार्थियों का सही मार्गदर्शन कर उनके भविष्य को संवार सकती है? क्या कोई संस्था अभिभावकों के सपनों को टूटने से बचा सकती है? इन विपरीत परिस्थितियों में इतने सारे सवालों का जवाब शायद ना ही हो। इस ना को भी हाँ में बदलने की क्षमता रखता है, द फर्स्ट रैंक ओपन स्कूल एंव कोचिंग जिसका उद्देश्य है -


  • सफल विद्यार्थियों के साथ-साथ असफल विद्यार्थियों का भी मार्गदर्शन करना।
  • विद्यार्थियों को भविष्य के प्रति जागरूक बनाना।
  • अध्ययन का ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना जिससे विद्यार्थी सफलता के मार्ग पर अग्रसर हो।
  • समय की महत्ता को समझना, जिससे विद्यार्थी अपने उत्तदायित्व को समझ सकें।

इन उद्देश्यों को मद्दे-नजर रखकर ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। संस्थान माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर पर असफल छात्रों को प्रवेश देकर उनमें आशा की नई किरण जगाता है, जिससे ये छात्र अपने खोए हुए आत्मविश्वास को पुन: प्राप्त कर अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होते हैं। प्रत्येक छात्र परीक्षा में अच्छे से अच्छा प्रदर्शन करने के लिए तैयार हो सके इस हेतु संस्थान कुछ विशेष योजनाएँ बनाता है, जो कि इस प्रकार है -

आई.ई.पी. :

इस योजना के अन्तर्गत निर्धारित पाठ्यक्रम को इकाई के आधार पर खंडों में विभाजित कर लघु परीक्षाएँ आयोजित की जाती है।

उद्देश्य : इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनकी प्रवीणता व कमियों से परिचित कराना होता है।

लाभ : मुख्य परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।


सत्रीय कार्य :

इस योजना के अंतर्गत छात्रों को उनके पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्नों को घर से हल करके लाना होता है।

उद्देश्य :छात्रों को नियमित अध्ययन से जोड़े रखना होता है।

लाभ :नियमित अध्ययन जिससे परीक्षा के समय विद्यार्थियों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।


कक्षा-कक्ष परीक्षा :

इस परीक्षा में प्रति सप्ताह विभिन्न विषयों की परीक्षा ली जाती है, जिसमें छात्र को पहले से कुछ विशेष प्रश्न बताकर उनकी परीक्षा ली जाती है।

उद्देश्य :इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की स्मरण शक्ति को प्रभावी बनाना है।

लाभ :अध्ययन में निरन्तरता बनी रहती है।


ओपन बुक परीक्षा :

इस योजना के अंतर्गत छात्रों को उनके पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्नों को पुस्तक की सहायता से हल करके लाना होता है।

उद्देश्य :विद्यार्थियों के ज्ञानात्मक दृष्टिकोण को प्रभावी बनाना है।

लाभ :प्रश्नों की विविधता समझने का अवसर मिलता है जिससे विद्यार्थियों का ज्ञानात्मक दृष्टिकोण प्रभावी होता है।


प्री-बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम :

इस कार्यक्रम में बोर्ड आधारित प्रारूप पर ही परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है।

उद्देश्य :विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं के वास्तविक स्वरूप को समझना।

लाभ :विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं के वास्तविक स्वरूप को समझकर तथा भयमुक्त होकर बेहतर परीक्षा परिणाम दे सकें।


प्रयोगशाला कक्षा-कक्ष कार्यक्रम :

इसके माध्यम विद्यार्थी विभिन्न विषयों के प्रयोगों का प्रशिक्षण प्रयोगशाला में प्राप्त करते हैं।

उद्देश्य :विभिन्न प्रयोगों के सिद्धान्तों के अनुरूप व्यावहारिक पक्ष का अध्ययन करना।

लाभ :ऐसे विषय जिसमें सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक दोनों परीक्षाएँ होती हैं विद्यार्थी उचित प्रशिक्षण लेकर अधिकतम अंक प्राप्त कर सकता है।


व्यक्तिगत सम्पर्क कार्यक्रम :

ऐसे विद्यार्थी जो नियमित कक्षाओं में अध्ययन नहीं कर पाते हैं इसमें भाग लेकर कम समय में पाठ्यक्रम से अवगत हो सकते हैं।

उद्देश्य :विद्यार्थी स्व-अध्ययन के दौरान आने वाली विभिन्न समस्याओं के बारे में चर्चा कर समाधान प्राप्त करना।

लाभ :ऐसे विद्यार्थी जो नियमित अध्ययन करने में किन्हीं कारणों से सक्षम नहीं हैं इस कार्यक्रम में भाग लेकर काफी हद तक अपनी पाठ्यक्रम सम्बन्धी समस्याओं का समाधान आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।


नियमित कक्षा-कक्ष अध्ययन :

विद्यार्थी नियमित कक्षा-कक्ष अध्ययन के दौरान प्रति दिवस कक्षाओं में उपस्थित होकर विभिन्न विषयों का गहनतापूर्वक अध्ययन करते हैं।

उद्देश्य :पाठ्यक्रम के विभिन्न पक्षों का गहनतापूर्वक अध्ययन करना।

लाभ :नियमित अध्ययन करने वाले विद्यार्थी विषयों से पूर्ण परिचित होकर अधिकतम अंक प्राप्त करने के साथ ही मजबूत नींव के साथ आगे अग्रसर होते हैं।



इस प्रकार स्पष्ट है कि वह विद्यार्थी निश्चित सफल होते हैं जो संस्थान द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उपरोक्त कार्यक्रमों का नियमित अनुसरण करते हैं।